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महाराष्ट्र निकाय चुनाव: बंद कमरे की रणनीति से गरमाई सियासत, महायुति बनाम MVA में ‘अंडरग्राउंड डील’ की चर्चा तेज

महाराष्ट्र में होने वाले नगर निकाय चुनाव से पहले राज्य की सियासत एक बार फिर गर्मा गई है। बीजेपी, शिंदे गुट और अजित पवार धड़े की मahayuti जहां एकजुट होकर चुनावी रणनीति मजबूत कर रही है, वहीं दूसरी ओर MVA (ठाकरे शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा-शरद पवार गुट) भी पूरी ताकत से मुकाबले के लिए तैयार है।

इसी बीच खबरों ने राजनीतिक गलियारों की हलचल बढ़ा दी है कि उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने “बंद कमरे में अहम बैठक” कर सीट शेयरिंग और बड़े शहरों की चुनावी रणनीति पर आपसी सहमति बनाई है।

सूत्रों के अनुसार, मुंबई, पुणे, नवी मुंबई और ठाणे जैसे हाई-प्रोफाइल निकायों में महायुति पूरी तरह से तालमेल बिठाकर उतरने की तैयारी में है। वहीं MVA इसे “गुप्त सौदेबाजी” बताते हुए लगातार हमलावर है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह निकाय चुनाव 2024 और 2029 की बड़ी राजनीति का भी संकेत देगा, क्योंकि महाराष्ट्र की सत्ता का मनोविज्ञान अक्सर महानगर पालिकाओं के परिणामों में दिखता है।

महाराष्ट्र की जनता अब इस मुकाबले में किसे तरजीह देती है—यही आने वाले चुनाव परिणाम तय करेंगे।