स्नाइपर, एंटी-ड्रोन शील्ड और पाँच लेयर सुरक्षा घेरा… पुतिन की यात्रा को लेकर दिल्ली अभेद्य किले में तब्दील
नई दिल्ली: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की भारत यात्रा को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने पुतिन की मौजूदगी के दौरान किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए सुरक्षा के पांच लेयर तैयार किए हैं, जिनमें अत्याधुनिक तकनीक और विशेष बलों की तैनाती शामिल है।
स्नाइपर तैनात, ऊंची इमारतों पर कड़ी निगरानी
दिल्ली के वीवीआईपी ज़ोन, विशेषकर राष्ट्रपति भवन, हैदराबाद हाउस और आसपास के क्षेत्रों में विशेष कमांडो स्नाइपर्स तैनात किए गए हैं। इन्हें रणनीतिक ऊंचाई वाले स्थानों पर तैनात कर दिया गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
एंटी-ड्रोन शील्ड सक्रिय
हाल के वर्षों में बढ़ते ड्रोन खतरों को देखते हुए, दिल्ली पुलिस और NSG ने संयुक्त रूप से एक एंटी-ड्रोन सुरक्षा कवच सक्रिय किया है, जिसके तहत छोटे से छोटे ड्रोन की भी ट्रैकिंग और न्यूट्रलाइजेशन की क्षमता मौजूद है। यह तकनीक 2–3 किलोमीटर की रेंज में उड़ने वाली हर अनजान वस्तु पर नजर रखेगी।
पांच स्तर की सुरक्षा व्यवस्था
पहला स्तर: SPG और NSG कमांडो की तैनाती
दूसरा स्तर: दिल्ली पुलिस की विशेष सुरक्षा टीम
तीसरा स्तर: पैरामिलिट्री बलों की बाड़ाबंदी
चौथा स्तर: ड्रोन सर्विलांस, शार्पशूटर्स और मोबाइल स्ट्राइक टीम
पांचवां स्तर: इंटेलिजेंस नेटवर्क और साइबर मॉनिटरिंग
इन सभी स्तरों को एक केंद्रीय कंट्रोल रूम से रियल टाइम में मॉनिटर किया जा रहा है।
ट्रैफिक डायवर्जन और आम लोगों के लिए निर्देश
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कई अहम रूटों पर डायवर्जन लागू कर दिए हैं। आम लोगों से अपील की गई है कि गैर-जरूरी यात्रा से बचें और आधिकारिक सलाह का पालन करें।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में
RAW, IB, और दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस यूनिट्स को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। सभी होटल, एयरपोर्ट, और कूटनीतिक क्षेत्रों में कड़ी जांच की जा रही है।
पुतिन की इस यात्रा को भारत-रूस संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, और सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि यह यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न हो।