मुख्य समाचार
टॉप न्यूज़
आपका शहर
देश समाचार देश समाचार
मनोरंजन मनोरंजन
अपना बिहार अपना बिहार
सोशल सोशल
खेल जगत खेल जगत
बिजनेस न्यूज बिजनेस न्यूज
शिक्षा-रोजगार शिक्षा-रोजगार
वैश्विक समाचार वैश्विक समाचार
अध्यात्म अध्यात्म
व्यक्ति विशेष व्यक्ति विशेष
कहानी
संपादकीय
ArariaArwalAurangabadBankaBegusaraiBhagalpurBhojpurBuxarDarbhangaEast ChamparanGayaGopalganjJamuiJehanabadKaimurKatiharKhagariaKishanganjLakhisaraiMadhepuraMadhubaniMungerMuzaffarpurNalandaNawadaPatnaPurniaRohtasSaharsaSamastipurSaranSheikhpuraSheoharSitamarhiSiwanSupaulVaishaliWest Champaran

बिहार चुनाव में NDA गठबंधन ने सीटों का बटवारा फाइनल किया

बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने आगामी 2025 के विधानसभा चुनावों के लिए सीटों का बंटवारा तय कर लिया है, जिसकी आधिकारिक घोषणा 12 अक्टूबर, 2025 को की गई। कई दिनों की गहन चर्चा और बैठकों के बाद, गठबंधन के प्रमुख घटक दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (यूनाइटेड) (जद-यू) लगभग बराबरी पर सहमत हुए हैं, जबकि सहयोगी दलों को भी सम्मानजनक हिस्सेदारी दी गई है।

सीटों के बंटवारे का अंतिम फॉर्मूला:

  • भाजपा: 101 सीटें
  • जद-यू: 101 सीटें
  • लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास): 29 सीटें
  • राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो): 6 सीटें
  • हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम): 6 सीटें

 

  •  सीटों के बंटवारे में भाजपा और जद-यू दोनों को बराबर 101-101 सीटें मिली हैं, जो गठबंधन में दोनों दलों के महत्व को दर्शाता है। यह 2020 के चुनावों से अलग है, जब जद-यू ने भाजपा से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ा था।
  • चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोजपा (राम विलास) ने एनडीए में वापसी करते हुए 29 सीटें हासिल की हैं। 2020 के चुनावों में पासवान की पार्टी एनडीए से बाहर थी, और अब इस सम्मानजनक हिस्सेदारी ने गठबंधन को और मजबूत किया है।
  • उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा और जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को भी क्रमशः 6-6 सीटें दी गई हैं। यह दिखाता है कि एनडीए ने अपने सभी सहयोगियों को साथ लेकर चलने का प्रयास किया है।
  • सीटों के बंटवारे से पहले, चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा जैसे नेताओं के साथ कई दौर की बातचीत हुई थी, जिससे कुछ असहमतियों की खबरें भी सामने आई थीं। हालांकि, अंतिम घोषणा से पता चलता है कि सभी मुद्दों को सुलझा लिया गया है।
  • सीटों का बंटवारा तय होने के बाद, एनडीए अब एकजुट होकर विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाएगा। गठबंधन का लक्ष्य मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में फिर से सरकार बनाना है, और यह सीट वितरण एक मजबूत चुनावी रणनीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

एनडीए के इस सीट बंटवारे को बिहार चुनाव के लिए एक निर्णायक कदम के रूप में देखा जा रहा है। यह स्पष्टता गठबंधन के सदस्यों को चुनावी प्रचार पर ध्यान केंद्रित करने और मतदाताओं के बीच अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद करेगी।