जन रोजगार योद्धा ने युवाओं के विकास, रोजगार की संभावनाएं और सरकार की उद्यमी योजनाओं पर चर्चा की
जन रोजगार योद्धा के अध्यक्ष प्रीतेश कुमार, उपाध्यक्ष कुंदन कुमार और सचिव विकास शाही ने संगठन के सदस्यों के साथ चर्चा में युवाओं के विकास, रोजगार पर चर्चा, रोजगार के अवसर पैदा करने और सरकार द्वारा उद्यमी योजनाओं की घोषणाओं पर प्रसन्नता व्यक्त की और योजनाओं का लाभ लोगों को दिलवाने मैं मदद करने की घोषणा करते हुए हर गांव में योजनाओं की जानकारी देते हुए युवाओं के बीच उद्योग के प्रति जागरूकता फैलाने का निर्णय लिया गया l
'जन रोज़गार योद्धा' ने बिहार चुनाव में ऐसे उम्मीदवारों का समर्थन करने का फैसला किया है, जो युवाओं और रोज़गार के मुद्दों को प्राथमिकता देंगे। यह एक राजनीतिक समूह नहीं है, बल्कि युवाओं के विकास और रोजगार के प्रति समर्पित एक संगठन है जो युवाओं की भागीदारी और रोज़गार के मुद्दों को उठाने पर केंद्रित है।
संगठन की घोषणा और बिहार चुनाव से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण बातें:
बिहार में रोज़गार एक बहुत बड़ा चुनावी मुद्दा है। राज्य के युवा आबादी में बेरोजगारी दर औसत से अधिक है और वे लगातार सरकार से नौकरी और रोज़गार के अवसर पैदा करने की मांग कर रहे हैं।
सभी दल इस मुद्दे पर ध्यान दे रहे हैं: सभी प्रमुख राजनीतिक दल, चाहे वे सत्ता में हों या विपक्ष में, रोज़गार से जुड़े मुद्दों पर ध्यान दे रहे हैं।
सरकार ने युवाओं और समाज के विकास के लिए बहुत सारी घोषणाएं की है जिसमें उद्योग के लिए की गई घोषणाएं प्रमुख है संगठन ने इस पर प्रसन्नता व्यक्त की और उम्मीद किया के चुनाव के बाद भी सरकार इस पर प्रमुखता से ध्यान देगी l
'जन रोज़गार योद्धा' का मकसद युवाओं और बेरोज़गारों की आवाज़ को मंच देना है और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी उम्मीदवार इन मुद्दों को नज़रअंदाज़ न करे।
युवाओं की आवाज महत्वपूर्ण है: इस तरह के संगठन का उदय यह दर्शाता है कि बिहार के युवा अब केवल वादे नहीं, बल्कि ठोस कार्य चाहते हैं।