भड़काऊ हिंसा का भयावह चेहरा: नारेबाज़ी के बीच इमारत में आग, बांग्लादेश में 30 पत्रकारों को जिंदा जलाने की कोशिश
बांग्लादेश में हिंसा की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ कथित तौर पर दंगाइयों ने उग्र नारेबाज़ी करते हुए एक इमारत को आग के हवाले कर दिया। आरोप है कि इस इमारत के भीतर मौजूद करीब 30 पत्रकारों को जिंदा जलाने की कोशिश की गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और मीडिया जगत में गहरी चिंता पैदा हो गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ अचानक इकट्ठा हुई, नारे लगाए और देखते ही देखते इमारत में आग लगा दी। आग लगते ही धुएँ का गुबार उठने लगा और भीतर फँसे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और आपात सेवाओं की मदद से पत्रकारों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया गया, जिसके बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका।
इस घटना ने बांग्लादेश में पत्रकारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मीडिया संगठनों ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि पत्रकारों पर इस तरह के हमले लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत हैं। उन्होंने सरकार से अपील की है कि मीडिया कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ।
फिलहाल हालात पर नजर रखी जा रही है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सच दिखाने और सच लिखने वालों की सुरक्षा पर्याप्त है?