रातभर संसद में सियासी संग्राम: जी राम जी विधेयक के खिलाफ विपक्ष का ज़ोरदार धरना, सदन के भीतर डाला डेरा
नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान राजनीतिक तापमान उस समय चरम पर पहुंच गया, जब जी राम जी विधेयक के विरोध में विपक्षी दलों ने पूरी रात संसद परिसर में धरना दिया। विधेयक को जनविरोधी बताते हुए विपक्ष ने इसे तुरंत वापस लेने की मांग की और सदन के भीतर ही डेरा डालकर सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश जताया।
विपक्षी सांसदों ने नारेबाज़ी करते हुए आरोप लगाया कि सरकार बिना व्यापक चर्चा और सहमति के इस विधेयक को पारित कराने पर आमादा है। नेताओं का कहना है कि यह विधेयक न केवल संघीय ढांचे को कमजोर करता है, बल्कि आम जनता के अधिकारों पर भी सीधा असर डाल सकता है।
धरने के दौरान कई वरिष्ठ विपक्षी नेताओं ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जब तक सरकार इस विधेयक पर पुनर्विचार नहीं करती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। विपक्ष ने इसे “लोकतंत्र की आवाज़ दबाने का प्रयास” करार देते हुए संसद के भीतर शांतिपूर्ण लेकिन सशक्त विरोध दर्ज कराया।
वहीं सरकार की ओर से कहा गया कि जी राम जी विधेयक देशहित में लाया गया है और इस पर संसद में पर्याप्त चर्चा हो चुकी है। संसदीय कार्य मंत्री ने विपक्ष से अपील की कि वे संवाद के माध्यम से अपनी बात रखें और सदन की कार्यवाही को बाधित न करें।
लगातार रातभर चले इस धरने के कारण संसद की कार्यवाही प्रभावित रही और अगले दिन भी हंगामे के आसार बने रहे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जी राम जी विधेयक आने वाले दिनों में संसद और सड़क—दोनों जगह बड़ा सियासी मुद्दा बन सकता है।