लोकसभा में ‘G राम-G विधेयक’ पास होते ही सियासी भूचाल, विपक्ष का तीखा विरोध, सदन में फाड़ी गई बिल की प्रतियां
नई दिल्ली। लोकसभा में सोमवार को ‘G राम-G विधेयक’ के पारित होते ही संसद का माहौल अचानक गर्मा गया। विधेयक के पक्ष में मतदान पूरा होते ही विपक्षी दलों ने सरकार पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। सदन में नारेबाजी, वेल में आना और बिल की प्रतियां फाड़े जाने जैसी घटनाओं ने कार्यवाही को कुछ समय के लिए ठप कर दिया।
विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने इस अहम विधेयक को बिना पर्याप्त चर्चा और परामर्श के जल्दबाजी में पास कराया। विपक्षी सांसदों ने कहा कि यह बिल जनहित से जुड़ा हुआ है और इसके दूरगामी प्रभाव होंगे, ऐसे में इसे संसदीय समितियों को भेजकर विस्तृत विमर्श किया जाना चाहिए था। विपक्षी नेताओं ने इसे “लोकतंत्र की आवाज दबाने वाला कदम” करार दिया।
हंगामे के दौरान कई सांसद वेल में पहुंच गए और सरकार विरोधी नारे लगाए। इसी बीच कुछ सांसदों ने प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराते हुए विधेयक की प्रतियां फाड़ दीं। शोर-शराबे के चलते लोकसभा अध्यक्ष को बार-बार सदस्यों से शांति बनाए रखने और अपने स्थान पर लौटने की अपील करनी पड़ी।
वहीं, सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ‘G राम-G विधेयक’ पूरी तरह से जनहित में है और इसे संवैधानिक प्रक्रिया के तहत पारित किया गया है। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि विपक्ष केवल राजनीतिक कारणों से जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है और सदन की गरिमा को ठेस पहुंचा रहा है।
लगातार हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर संसद में सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव को उजागर कर दिया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह विधेयक राज्यसभा में किस तरह पेश होता है और वहां इसे लेकर क्या सियासी रुख देखने को मिलता है।